Monday, March 28, 2011

शीर्षक माँ से बड़कर कौन ?


शीर्षक माँ से बड़कर कौन ?

माँ की बेकदरी ना करना दोस्तों
माँ से बड़कर कौन ?
माँ ने हमको जन्म दिया है
माँ से बड़कर कौन ?
माँ ने हमको पाला पोसा बड़ा किया है
माँ की बेकदरी न करना दोस्तों
माँ से बड़कर कौन ?
माँ का आश्रीवाध जिसने पाया
दुनिया मैं उसने नाम कमाया
माँ जब खाती है तुम्हारी याद सताती है
माँ जब सोती है तुम्हारी याद सताती है
माँ जब रोती है तुम्हारी याद सताती है
माँ की बेकदरी न करना दोस्तों
माँ से बड़कर कौन ?
माँ मंदिर मस्जिद और गुरूद्वारे मैं जाती है
माँ पूजा भी तुम्हारे लिए करती है
माँ के दिल को न दुखाना मेरे दोस्तों
भगवान से बड़कर माँ का नाम है
भूल न जाना माँ के नाम को
माँ से बड़कर कौन ?
माँ के दूध के कर्ज को किसने चुकाया है
ये आजतक हमने दुनिया मैं नहीं पाया है
माँ के चरणों मै शीश झुकावो
माँ के गुण गान गाते जावो
माँ की हमेशा तुम्हारे लिए एक ही आश है
वो रास्ता तुम्हें मिल जायेगा जिसकी तुम्हें तलाश है
फूलों काँटों का दर्द माँ ने सहा है
इसको जानता है कौन
जब तक दुनिया मैं सूरज चांद रहेगा
तब तक एस दुनिया मैं माँ का नाम रहेगा

Wednesday, March 16, 2011

बूंद बूंद तेजाब हुई है

बूंद बूंद तेजाब हुई है 
शाया कोई किताब हुई है 

गंगाजल कहकर लाये थे 
शीशी मगेर गुलाब हुई है 

मौसम ने किया करवट बदली 
राजनीती शादाब हुई है 

ठंडी राख की तह मैं दबकर 
चिंगारी नायब हुई है 

विवेक इसे गाली कहते है 
अजी रस्मे आदाब हुई
 

रक्तदान एक महादान

किसी की जिन्दगी को बचाने से बड़ा पुण्य भला क्या हो सकता है ! शायद इसीलिए लोग ब्लूड डोनेट करके अलग तरह का संतोष महसूस करते हैं ! कोई भी सेहतमंद शख्स ब्लूड डोनेट कर सकता हैं, कियोंकि इससे कोई नुकसान नहीं होता 


   ब्लूड की जरुरत 
१. दुर्घटना क मामले मैं 
२. डिलेवरी क समय 
३. किसी भी तरह की ब्लूडिंग मैं!
४. सभी बड़े आपरेशन मैं !
५. अंग ट्रांसप्लाnटेशन  
५. थेलेसिमिया ,एप्लास्टिक एनीमिया ,केंसर के इलाज क वक्त ,कीमोथेरेपी के वक्त ,डायलिसिस और           हिमोफिलिया के समय     
  
 आप भी दे सकते हो ब्लूड 
१.आपकी उम्र १८ से ६० साल क बीच हैं!(महिला और पुरुष दोनों क लिए )
२.वजन ४५ किलो या उससे ज्यादा हो !
३.पल्स और बीपी दोनों ठीक हो !
४.हिमोग्लोबिन (एचबी) कम से कम १२.५ हो !
५.पहले भी ब्लूड दिया हैं तो कम से कम तीन महीने बाद 

 देने से पहले इन बातो का ध्यान रखे 
१.जब भी खुद को फ्री और स्वस्थ महसूस करे ,तनाव मैं न हो ,
२.सुबह नास्ता करने के एक-डेढ़ घंटे क अंडर ब्लूड दे सकते है फ़ौरन बाद नहीं !
३. खली पेट ब्लूड नहीं देना हैं सामान्य  खाना खाने क बाद ही ब्लूड दे !
४. ईमानदारी से अपनी बीमारी क बारे मैं पूरी जानकारी डॉक्टर को दे !यह ब्लूड लेने और देने 
दोनों की सुरक्छा   क लिए जरुरी हैं यह भी बताये की कोंन कोंन सी दवाये ले रहे हैं 
५. मान्यता प्राप्त बैंक मैं ही ब्लूड दे ! इसकी पहचान उनके फॉर्म पर लिखे लायसेंस नंबर से हो 
जायेगी ! वे आपको अपना कार्ड देंगे जिस पर डिटेल लिखी होगी !

देने के बाद इन बातो का ध्यान रखे 
१. बलूद डूनेट के पांच से दस मिनट का आराम करना होता हैं !
२. उस दिन नॉर्मल खाना ही खाए फिर भी पानी,ढूध, चाय, कॉफ़ी, जूस आदि ले सकते हो
फिर भी लिक्विड ज्यादा लेना अच्हा रहता हैं!
३. रक्तदान करने क बाद ड्रायविंग समेत सारे रूटीन काम कर सकते हैं!
४. रक्तदान क तीन महीने बाद पून्ह:रक्तदान किया जा सकता अहिं

डरे नहीं ,कुछ फेक्ट्स जान ले 
१.रक्तदान बैग दो तरह क होते हैं ! एक साढ़े तीन सों ऍमअल और दूसरा साढ़े चार सों ऍमअल
का जिनका वजन ६० किलो से कम हो उनका ३५० ऍमअल रक्त ही लेते हैं
और जिनका वजन ६० किलो से उपर हो उनका ४५० ऍमअल  रक्त ही लेते हैं
रक्तदान क समय जितना रक्त लिया जाता हैं वह २१ दिन मैं हमारा शरीर फिर से बना लेता हैं
रक्त की वाल्यूम बडी २४ से ७२ घंटे मैं पूरा बना लेती हैं !