Monday, September 20, 2010

हिम्मत है, होशला है, जसारत लगन तमाम
है मेरे पास आज भी जीने के फन तमाम
हिस्सा हो जिस घडी मुझे हिस्से मैं माँ मिले
मेरे नसीब मैं हो ये जन्नत का धन तमाम !

Monday, September 6, 2010

एक नज्म

नर्म ठंडी फजा जब हुई शाम की
नींद सूरज ने ली चाँद के नाम की

वादियों मई कही बंसी बजने लगी
रात दुल्हन बनी और सजने लगी

मस्त झोको ने कलियों को हलके से छुवा
आसमा आके टहनी पे शबनम हुआ

पत्ते पत्ते से झरने लगी चांदनी
रात बिछुवा हुई और महकने लगी

साए पेड़ो के तले सो गए
दो परिंदे थे मस्त एक बदन हो गए

लम्हा लम्हा है जुगनू मै लिपटा हुआ
खुस्बुओ से मुअतेर की उड़ता रहा

मिसर :- ऐ-मीर पग्दंदियो हो गई
सीपिया आई साहिल पे खो गई

रूह के चाँद तक चांदनी रात है
कितना पुरकेफ़ मंजेर.मिरी जात है

रख के पलकों पे मंजेर सो जाऊं मै
एक मख्सुर वादी मै खो जाऊं मैं

नींद खुलते ही धूपों से घिर जाऊँगा
कडवी दुनिया मै इक बार फिर आऊंगा

Monday, July 5, 2010

पहले कितने अच्छे थे
छोटे छोटे बच्चे थे
जी कहता वो करते थे
नहीं किसी से डरते थे
जीवन की खुशियों से हर पल
मिलते और बिछड़ते थे
दो आंसू जो टपके तो
दो सौ लोग पकड़ते थे
मन कहता है फिर से मैं
छोटा बच्चा बन जाऊँ
तुतली सी भाषा में मैं
फिर से अ बी क गाऊँ
पापा फिर चिल्लाएं तो
माँ के आंचल में छिप जाऊँ
जी भर कर फिर से सोऊं
जब चाहे मैं तब जागूँ
फिर दीदी की चोटी
खींच खींच के मैं भागूं
अब जो खुद को देखूं तो
हूँ चार महीने का मेहमान
फिर ख़्वाबों मैं ही मिलेंगे
माँ के हाथों के पकवान.......................



और आब

Wednesday, June 2, 2010

देखते है

सुना है लोग उसे आँख भर के देखते है
सो उसके शहर मै कुछ दिन ठहर के दहकते है

सुना है बोले तो बातों से फूल झड़ते है
ये बात है तो बात करके देखते है

सुना है उसके लबों से गुलाब जलते है
सो हम बहार पर इल्जाम धरके देखते है

सुना है उसके बदन की तराश ऐसी है
की फूल अपनी कबाये कुतर के देखते है

रुके तो गर्दिशे उसका तवाफ़ करती है
चले तो उसको जमाने ठहर के देखते है

किसे नसीब कि पैरहन उसे देखते है
कभी-कभी दरो दिवार घर के देखते है

Thursday, May 13, 2010

Kuch door hamare saath chalo


Kuch door hamare saath chalo
Hum dil ki kahani kehdein ge
Samjhe na tum jisse aankhon se
Woh baat zubaani kehdein ge

Jo pyar karein ge jaanein ge
Har baat hamari maanein ge
Jo jaley na hon khudh ulfat mein
Woh aag ko paani kehdein ge

Jab pyaas jawan ho jaye gi
Ehsaas ki manzil paye gi
Khamosh rahein ge aur tumhein
Hum apni kahani kehdein ge

Is dil mein zara tum baitho to
Kuch haal hamara poocho to
Hum sada dil hain Ashk mager
Har baat poorani kehdein ge...

Kagaj ki kisti

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नजर नहीं आता

सितारों से भरा आसमान मगर अफताब नज़र नहीं आता,

फूलों से भरी महफ़िल में कोई गुलाब नज़र नहीं आता,

ख्वाब तो देखती है ऑंखें रोज़ नए,

जिसकी ताबीर हो मुमकिन ऐसा ख्वाब नज़र नहीं आता,


अब तो नज़रों की शर्म भी बाकी न रही,

किसी चेहरे पे शर्मो हया का नकाब नज़र नहीं
आता..

Ek Sharab

Ek Sharabi full tight hokar ghar jaa raha tha. Raaste me mandir ke baahar pujari dikha. Sharabi ne pujari se poocha, sabse bada kaun? Pujaari ne peecha chudane ke liye kaha "Mandir Bada". Sharabi bola "Mandir bada toh dharti pe kaise khada" Pujari: "Dharti badi" Sharabi: "Dharti badi toh Sheshnaag pe kyun khadi" Pujari" "Sheshnaag bada" Sharabi: "Sheshnaag bada toh Shiv ke gale me kyon pada" Pujari: "Shiv bada" Sharabi: "Shiv bada toh Parbat par kyon khada" Pujari: "Parbat bada" Sharabi: "Parbat bada toh Hanuman ki ungli pe kyon pada" Pujari: "Hanuman bada" Sharabi: "Hanuman bada toh Ram ki charno me kyon pada" Pujari: "Ram bada" Sharabi: "Ram bada toh Ravan ke piche kyun pada" Pujari: "arey mere baap tu bata kaun bada" Sharabi: "Is duniya me woh bada jo puri bottle pee ke apni taango pe khada"

Tuesday, May 11, 2010

जीवन का समर्पण

एक चोर था उसका नाम किशन था एक दिन की बात है वो चोरी करने गया!दिन भर उही भटकता रहा सुबह से शाम हो गयी पर उसको कुछ भी हाथ नहीं लगा वो निराश हो कर घर जा रहा था !की राह मै शिव जी का एक मंदिर था उसने शोचा की मंदिर मै शिव जी के दर्शन कर लु आज नहीं तो कल तो कुछ मिलेगा! वो मंदिर के अंदर गया वहा उसने शिवे के दर्शन करने क बाद जैसे ही उसने उप्पर देखा वहा टंगी हुवी चांदी की घंटी दिखाई दी तो उसके मन मै ख्याल आया की घंटी ही चुरा लेता हु कुछ काम तो चलेगा! मगर घंटी बहुत उचाई पर थी! और उसका हाथ वहा तक नहीं पहुच पा रहा था ! अब वो क्या करे ! हड़बड़ी मै उसे और कुछ तो शुझा नहीं घंटी चुराने के वो मूर्ति पर ही चढ़ गया !
ज्यो ही वह मूर्ति पर चडा, शिवजी प्रकट हो गए ! बोले ,वत्स मै तुझसे प्रसन हूँ घंटी-वंटी छोड़ ,आज मुझसे मांग ले तुझे क्या चाहिए ? चोर तो घबरा ही गया ! उसने सोचा बुरे फंसे ! वह मफही मांगने लगा !भोले शिव जी बोले- घबरा मत ,मै पुलिस वाला नहीं हु ,मै शिव हु ! तेरे समर्पण से प्रसन होकर प्रकट हुवा हु ! मांग ले क्या माँगना है ? इसी बीच मंदिर का पुजारी आ गया! पुजारी नै मामला देखा तो दंग रह गया ! पुजारी चिल्य्या-प्रभु आप भी कमाल करते है ,मै पुजारी हु ,मेरी पूजा से तो कभी प्रसन नहीं हुए और इस पर प्रसन ... यह भक्त नहीं कम्भ्क्त चोर है यहाँ चोरी के लिया आया है मै तो रोज पूजा करता हु वरदान मांगने क लिए मुझे कहिये शिव जी बोले तू मेरी पूजा रोज करता है रोज पुष्प,फल अर्पित करते हो पर इसके पास क्या है
प्रभु के चरणों मै अर्पित करना ही है तो अपने आपको .अपने अहेंकार को ,प्रभु को इससे बढकर भेट और क्या हो सकती है

Friday, May 7, 2010

Wednesday, April 21, 2010

चेहरा क्या देखते हो दिल में उतर के देखो न
मौसम पल में बदल जायेगा
पत्थर दिल भी पिघल जायेगा
मेरी मोहब्बत में है कितना असर
देखो न
थोड़े करीब आओ ऐसे न
इतराओ मुझसे सनम दूर बैठे हो
क्याबेचैन कर दूंगा इतना तुम्हें आके लिपट जाओगी
दिलरुबा ऐसे क्या सोचती हो आके इधर देखो न
मैं तो तुम्हारी हूँ तुमपे दिल हरी हूँ फिर किसलिए
हैं ये बेताबियाके गले से लगा लो मुझे अब दूरियां न
रहें दर्मियाकिसने तुम्हें रोका
है शाम-ओ-सहर देखो न
♪♪♪♪♪

Tuesday, April 6, 2010

Pyar Me Mitha Dard Mila Ye Bahut Hai

Pyar Me Mitha Dard Mila Ye Bahut Hai


Pyar Me Mitha Dard Mila Ye Bahut Hai

Sapno Ko Nayi Disha Mili Vo Bahut Hai

Apse Pyar Pura Hua Ya Adhura Baat Ye Nahi

Pyar Krne Ka Mauka Mila Vo Hi Bahut Hai !!

Tum Kya Jano Kya Hai Tanhai

Ek Tute Hue Pate Se Puchho Kya Hai Judai

Bewafai Ka Ilzam Na Do Hamei Is Waqt

Se Puchlo Ke Kis Waqt Tumhari Yaad Na Ayi !!

Tute Dil Ki Hasrato Ka Dil Me Basera Rahega

Aankh Meri Jo Royegi To Dard Tera Rahega

Kuch Is Tarah Samaya Hai Rag Rag Me Tera Pyar

Aakhri Saans Rehne Tak Labon Pe Tera Naam Rahega !!

Hasi Ki Rah Me Gum Mile To Kya Kare

Wafa Ki Rah Me Bewafa Mile To Kya Kare

Kaise Bachaye Zindagi Ko Dhoke Bazo Se

Koi Muskura Ke Dhoka De Jaye To Kya Kare !!

Utre Jo Teri Ankho Ki Gehrai Me Hum

Mehfil Me Rehkr Bhi Rahe Tanhai Me Ham

Diwangi Nahi To Ise Our Kya Kahe

Use Dhundte Rahe Apni Parchai Me Hum !!

Kis Qadar Woh Gamo Ki Inteha Kar Gayi

Har Khushhi Mujhse Woh Juda Kar Gayi

Mujhe Toh Pal Pal Maut Ki Aarzoo Thi

Kyu Woh Mere Jeene Ki Dua Kar Gayi !!

Kaash Ek Kadam Hum Bhi Uske Saath Chal Paate

Kaash Uske Khwabo Mai Hum Bhi Bas Jaate

Jo Chali Gayi Mere Sapna Todke Kaash

Uske Sapno Ko Hum Ko Hum Zindagi De Paate !!

Dete Hai Kyu Wo Dard Bas Hami Ko

Kya Smjhenge Wo In Ankho Ki Nami Ko

Lakho Diwane Ho Jis Chand Kewo Kya

Mehsus Karege Ek Tare Ki Kami Ko !!

Teri Duniya Se Bohot Dur Chale Jayenge

Teri Hasti Aankhon Mein Aansu Chood Jayenge

Aaj Tum Humse Tang Ho

Par Ek Din Aap Humse Tang Hone Ko Taras Jayenge !!

Teri Judai Aese Mere Dil Pe Ja Lagi

Main Khud Bhi Apne Aap Se Barso Khafa Raha

Viran Hai Ye Dil Ki Mahefil Tere Bagar Aae Dost

Kas Aaj Tum Khwabo Me Hi Ajate !!

Usne Hothon Se Chukar Pani Ko Gulabi Kar Diya

Usne Hothon Se Chukar Paani Ko Gulabi Kar Diya

Hamari Baat To Aur Thi Yaaro

Machliyo Tak Ko Bhi Sharabhi Kar Diya !!

Bikhre Hai Ashk Koi Saza Nahi Deta

Khamosh Hai Sab Yaha Koi Awaz Nahi Deta

Kal Ke Waade Sab Karte Hai Magar

Q Sath Mera Koi Aaj Nahi Deta !!


Saturday, April 3, 2010

जन्नते सजाई मैंने तेरे लीये


जब हमने प्यार करना चाह तो,

उन्होंने हमसे नाता तोड़ लिया.

जब कभी आई याद हमें उनकी,

उन्होंने भी कहते हुए मुंह मोड़ लिया.

आखिर कभी आएगी याद उन्हें हमारी.

सोचकर हमने भी उम्मीद का दमन छोड़ दिया.

तरसते रहे उनकी एक झलक पाने को,

और अपना हर राश्ता दुखों की और मोड़ लिया.

जब एहसास हुआ हमारी सच्छी मोहब्बत का उन्हें,

तब तक हम उस मुकाम पे थे,

जहाँ से लौट कर आना हमारे लीये मुश्किल,

और हमें पाना उनके लीये नामुनकिन था.

Thursday, April 1, 2010

love story

एक लड़की रोजाना बुर्के में कॉलेज जाती thi....
एक लड़का उस लड़की को बेहद प्यार करता tha..

लड़का रोजाना उस लड़की को रस्ते में जाते हवे छेडा करता tha....

लड़का लड़की से कहता ......एक पर्दा नाशी ...पर्दा हटा और अपने हुस्न का जलवा
दिखा ..

लड़की उसकी बात को सुनती और चुपचाप चली जाती ...

एक दिन लड़के ने रस्ते में लड़की का हाथ पकड़कर कहा ...

जान ,जानेमान , जानेजिगर , जाने तमन्ना ..
अगर तुमने कल मेरी मोहब्बत को काबुल नहीं किया तो मैं अपनी जान दे दूंगा .

लड़की मुस्कुराकर चली गयी ..

लड़की 3 - 4 दिन तक कोल्लेज नहीं गयी
बाद में लड़की को पता चला की लड़के ने सच में खुदखुशी कर ली है ..


लड़की रोटी हुयी लड़के की कब्र पर गयी और अपना नकाब खोल कर बोली ..


अ मेरे गुमनाम आशिक देख तेरी महबूबा आई है जी भर के उसका दीदार कर ले ..
तभी कब्र में से आवाज़ आती है ..


हें खुदा ये तेरी कैसी खुदाई है ,आज हम परदे में हैं और वो बेनकाब आई






hows u janaab

V.pal